Saturday, 26 January 2019

आज प्राइमरी स्कूल गणतंत्र दिवस धूम धाम से मनाया गया

आज कैराना के मोहल्ला खैल कलां प्राइमरी स्कूल कलालान में 26 जनवरी का पर्व धूम धाम से मनाया गया इस मौके पर प्रधान अध्यापक मास्टर अनीस ने सभी बच्चों को क्यों मनाया जाता है यह पर्व प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस, भरत का राष्ट्रीय पर्व है, जिसे प्रत्येक भारतवासी पूरे उत्साह, जोश और सम्मान के साथ मनाता है। राष्ट्रीय पर्व होने के नाते इसे हर धर्म, संप्रदाय और हर  जाति के लोग मनाते हैं। इस मौके पर मौजूद मेहरबान मेंबर ने भी बच्चों को देश भक्ति के बारे में बताया कैसे हमारा देश कैसे आज़ाद हुआ और आज ही के दिन देश का संविधान लागु हुवा हमें अपने देश पर गर्व है इसलिए यह तयोहार मनाया जाता है इस मौके पर मौजूद रहे भाई गय्युर मेंबर मुरसलीन मेंबर भाई मुनव्वर  भाई दिनु मास्टर मुकीम



Friday, 25 January 2019

मेहरबान अंसारी ने बताया गणतंत्र दिवस के बारे में

प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस, भरत का राष्ट्रीय पर्व है, जिसे प्रत्येक भारतवासी पूरे उत्साह, जोश और सम्मान के साथ मनाता है। राष्ट्रीय पर्व होने के नाते इसे हर धर्म, संप्रदाय और जाति के लोग मनाते हैं। 

गणतंत्र दिवस : 26 जनवरी सन 1950 को हमारे देश को पूर्ण स्वायत्त गणराज्य घोषित किया गया था और इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को भारत का गणतंत्र दिवस मनाया जाता है और चूंकि यह दिन किसी विशेष धर्म, जाति या संप्रदाय से न जुड़कर राष्ट्रीयता से जुड़ा है, इसलिए देश का हर बाशिंदा इसे राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाता है। 
 
खास तौर से सरकारी संस्थानों एवं शिक्षण संस्थानों में इस दिन ध्वजारोहण, झंडा वंदन करने के पश्चात राष्ट्रगान जन-गन-मन का गायन होता है और देशभक्ति से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। देशाक्ति गीत, भाषण, चित्रकला एवं अन्य प्रतियोगिताओं के साथ ही देश के वीर सपूतों को याद भी किया जाता है और वंदे मातरम, जय हिन्दी, भारत माता की जय के उद्घोष के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो जाता है।
 
भारत की राजधानी दिल्ली में गणंतंत्र दिवस पर विशेष आयोजन होते हैं। देश के प्रधानमंत्री द्वारा इंडिया गेट पर शहीद ज्योति का अभिनंदन करने के साथ ही उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाते हैं। इस दिन विशेष रूप से दिल्ली के विजय चौक से लाल किले तक होने वाली परेड आकर्षण का प्रमुख केंद्र होती है, जिसमें देश और विदेश के गणमान्य जनों को आमंत्रित किया जाता है। इस परेड में तीनों सेना के प्रमुख राष्ट्रीपति को सलामी दी जाती है एवं सेना द्वारा प्रयोग किए जाने वाले हथियार, प्रक्षेपास्त्र एवं शक्तिशाली टैंकों का प्रदर्शन किया जाता है एवं परेड के माध्यम से सैनिकों की शक्ति और पराक्रम को बताया जाता है।
 
गांव से लेकर शहरों तक, राष्ट्रभक्ति के गीतों की गूंज सुनाई देती है और प्रत्येक भारतवासी एक बार फिर अथाह देशभक्ति से भर उठता है। बच्चों में इस दिन को लेकर बेहद उत्साह होता है। इस दिन आयोजि कार्यक्रमों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थ‍ियों का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण भी किया जाता है और मिठाई वितरण भी विशेष रूप से होता है Maharban ansari 

Thursday, 6 December 2018

🍀 तहजीब मर जाने की कहानी है अयोध्या 🍀

🍀 तहजीब मर जाने की कहानी है अयोध्या 🍀

कहते हैं अयोध्या में राम जन्मे. वहीं खेले कूदे बड़े हुए. बनवास भेजे गए. लौट कर आए तो वहां राज भी किया. उनकी जिंदगी के हर पल को याद करने के लिए एक मंदिर बनाया गया. जहां खेले, वहां गुलेला मंदिर है.

जहां पढ़ाई की वहां वशिष्ठ मंदिर हैं. जहां बैठकर राज किया वहां मंदिर है. जहां खाना खाया वहां सीता रसोई है. जहां भरत रहे वहां मंदिर है. हनुमान मंदिर है. कोप भवन है. सुमित्रा मंदिर है. दशरथ भवन है. ऐसे बीसीयों मंदिर हैं. और इन सबकी उम्र 400-500 साल है. यानी ये मंदिर तब बने जब हिंदुस्तान पर मुगल या मुसलमानों का राज रहा.

अजीब है न! कैसे बनने दिए होंगे मुसलमानों ने ये मंदिर! उन्हें तो मंदिर तोड़ने के लिए याद किया जाता है. उनके रहते एक पूरा शहर मंदिरों में तब्दील होता रहा और उन्होंने कुछ नहीं किया! कैसे अताताई थे वे, जो मंदिरों के लिए जमीन दे रहे थे. शायद वे लोग झूठे होंगे जो बताते हैं कि जहां गुलेला मंदिर बनना था उसके लिए जमीन मुसलमान शासकों ने ही दी. दिगंबर अखाड़े में रखा वह दस्तावेज भी गलत ही होगा जिसमें लिखा है कि मुसलमान राजाओं ने मंदिरों के बनाने के लिए 500 बीघा जमीन दी. निर्मोही अखाड़े के लिए नवाब सिराजुदौला के जमीन देने की बात भी सच नहीं ही होगी.

सच तो बस बाबर है और उसकी बनवाई बाबरी मस्जिद! अब तो तुलसी भी गलत लगने लगे हैं जो 1528 के आसपास ही जन्मे थे. लोग कहते हैं कि 1528 में ही बाबर ने राम मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनवाई. तुलसी ने तो देखा या सुना होगा उस बात को. बाबर राम के जन्म स्थल को तोड़ रहा था और तुलसी लिख रहे थे मांग के खाइबो मसीत में सोइबो. और फिर उन्होंने रामायण लिखा डाली. राम मंदिर के टूटने का और बाबरी मस्जिद बनने क्या तुलसी को जरा भी अफसोस न रहा होगा! कहीं लिखा क्यों नहीं!

अयोध्या में सच और झूठ अपने मायने खो चुके हैं. मुसलमान पांच पीढ़ी से वहां फूलों की खेती कर रहे हैं. उनके फूल सब मंदिरों पर उनमें बसे देवताओं पर.. राम पर चढ़ते रहे. मुसलमान वहां खड़ाऊं बनाने के पेशे में जाने कब से हैं. ऋषि मुनि, संन्यासी, राम भक्त सब मुसलमानों की बनाई खड़ाऊं पहनते रहे. सुंदर भवन मंदिर का सारा प्रबंध चार दशक तक एक मुसलमान के हाथों में रहा. 1949 में इसकी कमान संभालने वाले मुन्नू मियां 23 दिसंबर 1992 तक इसके मैनेजर रहे. जब कभी लोग कम होते और आरती के वक्त मुन्नू मियां खुद खड़ताल बजाने खड़े हो जाते तब क्या वह सोचते होंगे कि अयोध्या का सच क्या है और झूठ क्या?

अग्रवालों के बनवाए एक मंदिर की हर ईंट पर 786 लिखा है. उसके लिए सारी ईंटें राजा हुसैन अली खां ने दीं. किसे सच मानें? क्या मंदिर बनवाने वाले वे अग्रवाल सनकी थे या दीवाना था वह हुसैन अली खां जो मंदिर के लिए ईंटें दे रहा था? इस मंदिर में दुआ के लिए उठने वाले हाथ हिंदू या मुसलमान किसके हों, पहचाना ही नहीं जाता. सब आते हैं. एक नंबर 786 ने इस मंदिर को सबका बना दिया. क्या बस छह दिसंबर 1992 ही सच है! जाने कौन.

छह दिसंबर 1992 के बाद सरकार ने अयोध्या के ज्यादातर मंदिरों को अधिग्रहण में ले लिया. वहां ताले पड़ गए. आरती बंद हो गई. लोगों का आना जाना बंद हो गया. बंद दरवाजों के पीछे बैठे देवी देवता क्या कोसते होंगे कभी उन्हें जो एक गुंबद पर चढ़कर राम को छू लेने की कोशिश कर रहे थे? सूने पड़े हनुमान मंदिर या सीता रसोई में उस खून की गंध नहीं आती होगी जो राम के नाम पर अयोध्या और भारत में बहाया गया?

अयोध्या एक शहर के मसले में बदल जाने की कहानी है. अयोध्या एक तहजीब के मर जाने की कहानी है.

लेखः विवेक कुमार असरी का 6 साल पुराना लेख

Tuesday, 4 December 2018

वो मंदिर नहीं फिर से सरकार बनाना चाहते हैं देश में मूर्ख कितने हैं वो फिर आजमाना चाहते हैं

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बुलंदशहर के सायना में जो  बवाल हुवा है में अपको एक बात बताना चाहता हु यह झगड़ा पूरी तरहा से प्लान कर के किया गया था ताकि हिन्दू मुस्लिम आपस में लडे मगर सब कुछ फेल हो गया में आपको एक और बात बताना चाहता हु में जब इज्तिमे में गया तो मैंने देखा हिन्दू भाई सेवा कर रहे और वो भी दिन रात मंदिर खोल दी नमाज पढ़ने के लिए उस वक़्त जब मैंने यह देखा तो मेरे मोबाइल की बैटरी खत्म हो चुकी थी  मुझे लगता है यह सब हजम नही हुवा इन दंगाईयो को प्यार और मोहब्बत की जो मिशाल पेश की है बुलंदशहर वासियों ने जितनी तारीफ की जाये कम है ऐसे भाइयो को में दिल से सैल्यूट करता हू  दंगा कराने की  इन लोगो की साजिश नाकाम हो चुकी है में आप सब भाईयो से अपील करता हु  इन लोगो के चक्कर में ना आए यह सिर्फ अपनी राजनीती की रोटिया सेकना चाहते है इनके चक्कर में आपसी रिश्ते ख़राब ना करे यह लोग आगे भी कोशिस करेंगे ऐसा माहौल पैदा करने की बस आप समझदारी का सबूत दे कोई किसी भी धर्म से हम सब आपस में मिल जुलकर रहेंगे तो यह दँगाई कभी कामयाब नही होंगे यह तस्वीरे में जो पोस्ट कर रहा हु किसी और से लेकर कर रहा हु यह दंगा फैलने से रोकने गए कुछ लोगो ने कॉल की थी इसलिए सुबोध जी वहा गए वहा कुछ नही था इंस्पेक्टर सुबोध जी की हत्या हो गयी देश का एक जाबांज सिपाही सहीद हो गया सलाम इंस्पेक्टर साहब को जिन्होंने अपनी अपनी जान की बाजी लगा दी बस में तो यही कहना चाहूँगा अगर इस आर्टिकल में कही गलती हो गयी है तो माफ करना

#नफरत #की #लाठी #छोड़ो, #लालच #का #खंजर #फेको #मेरे #देश #प्रेमियो #आपस में #प्रेम करो #देश #प्रेमियो
Maharban Ansari kairana


Thursday, 18 October 2018

इस्लामिया स्कूल में टीचरो को किया सम्मानित

आज इस्लामिया स्कूल में 2 टीचर सेवानिवृत्त हुए मास्टर बदरुल इस्लाम  इस मौके पर मास्टर अय्यूब जी को माला पहनाकर सम्मानित करते हुए 33 साल तक दोनों टीचरो ने स्कूल की सेवा की इनकी सेवा से बच्चों ने बहुत कामयाबी हासिल की इस मौके पर सभी स्कूल स्टाफ काफी उदास थे सभी ने मास्टर जी का सम्मान किया में भी इस मोके पर अपने आपको गोर्वान्तित महसूस कर रहा हु क्योंकि जिस स्कूल में पढा उसी स्कूल में मुझे सम्मान करने का मोका मिला जब में स्कूल में पढ़ा यह टीचर तब भी थे अल्लाह इन टीचरो को सेहत और तंदरुस्ती अता फरमाये
इस मोके पर मौजूद सभासद गय्युर अली,मुरसलीन भाई ,नोशाद भाई ,साहिद मास्टर सलमान मास्टर वसीक मास्टर वादिल बाबू शाहनवाज़ और तमाम स्कूल स्टाफ मौजूद रहा 

            मेहरबान अंसारी वार्ड 23 सभासद




Monday, 15 October 2018

मेहरबान अंसारी वार्ड 23 सभासद कैराना नगरपालिका परिषद

आज दिनांक 15 :10: 2018 को कैराना नगर पालिका में एक बोर्ड मीटिंग रखी गई जिसमें मेहरबान अंसारी वार्ड 23 सभासद ने चेयरमैन जनाब हाजी अनवर हसन के सामने अपने वार्ड 23 से सम्बन्धित्त परेशानियो  से अवगत कराया अपने वार्ड में नयी पाइपलाइन ख़राब सड़के पानी की समस्या को लेकर   समर्सिबल  और जो सड़के ठीक है उनकी नालियो की मरमत्त इमाम पर नाले के ऊपर  पुलिया को ऊँची करवांना सफाई वयवस्था को दुरुस्त कराना और नई सड़के   इस पर चेयरमैन सहाब ने जल्द ही सारी समस्या ओ को जल्द ही निस्तारण करने के लिए कहा

मेहरबान अंसारी वार्ड 23 सभासद नगरपालिका परिषद कैराना

Sunday, 14 October 2018

मेहरबान अंसारी वार्ड 23 सभासद ने वोट बनवाने में लोगो की मदद हर तरफ हो रही है सरहाना

आज दिनांक/14/10/2018/को सुबह लग भग साढ़े दस बजे मेहरबान अंसारी अंसारी वार्ड 23 सभासद कैराना नगरपालिका  ने जिन लोगों के वोट नहीं बने  थे उन लोगो के वोट बनवाये  कुछ Blo लेट आए Blo के लेट आने पर लोगो में रोष था एक Blo ड्यूटी पर आया नही लोगो को परेशानी में देखकर खुद ही मोर्चा संभाला  और लोगो को वोट बनाने में मदद में झुट गए  और लोगो से अपील की जिन के वोट नही बने वो अपने वोट बनवा ले एक एक वोट देश का भाग्य बदल सकता है अपने वोट कीमत को समझे

मेहरबान अंसारी वार्ड 23 सभासद नगरपालिका परिषद कैराना